Happy Saraswati Puja 2024 :- जानिए सरस्वती पूजा किस प्रकार मनाई जाती है, तथा जानिए इसके महत्व के बारे में।

Neha Gurung

Happy Saraswati Puja 2024 

Happy Saraswati Puja 2024 :- आप सभी को सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभ कामनाएँ। जैसा कि आप सभी को पता ही है कि भारत देश में भगवान के प्रति काफी ज़्यादा श्रद्धा होती है। भारत में लोगो द्वारा हर भगवान जी की पूजा बड़े ही सच्चे मन से की जाती है। आप सभी को बता दे कि 14 फरवरी, दिन बुधवार यानी आज के दिन बड़े ही धूम धाम से माता सरस्वती जी की पूजा की जा रही है। आप को बता दे कि बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती जी की पूजा की जाती है। आज ज्ञान की देवी माता सरस्वती जी का दिन है। माता सरस्वती जी को ज्ञान तथा पढ़ाई की देवी भी कहा जाता है।

हिन्दू धर्म में हर पर्व का अपना अपना एक अलग मंतव होता है। हिन्दू धर्म में देवी देवताओं को बड़े ही सच्चे मन से पूजा जाता है। देवी देवताओं की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि, ज्ञान और सम्पति आदि सब मिलता है। भारत देश में देवी देवताओं का कोई भी पूर्व हो। श्रद्धालुओं द्वारा हर पूजा पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। ऐसे ही सरस्वती पूजा भी भारत देश में काफी ज़्यादा धूम धाम से मनाया जाता है। माता सरस्वती को संगीत तथा कला-कल्याण की देवी का भी नाम अर्पण किया गया है। इसे बसंत पंचमी कहा जाता है।

बसंत पंचमी शुरू होते ही बसंत ऋतू शुरू हो जाती है। जिस कारण सभी पेड़ पोधो में हरयाली आ जाती है। बसंत ऋतु में सब जगह हरयाली छा जाती है। जिस कारण सभी आस पास की जगहें काफी ज़्यादा सुन्दर और खुशहाली से भरा हुआ नज़र आता है। इस दिन सूर्यौदय भी जल्दी हो जाता है और काफी ज़्यादा सुहावना लगता है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग को बेहद ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि माता सरस्वती को पीले रंग से लगाव है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती जी को पीले रंग के शुद्ध फूल तथा पीले रंग का भोग चढ़ाना अति शुभ माना जाता है।

Happy Saraswati Puja 2024 :- जानिए सरस्वती पूजा किस प्रकार मनाई जाती है, तथा जानिए इसके महत्व के बारे में।

इस दिन आप को सुबह जल्द ही उठ कर नहा कर शुद्ध और साफ़ कपडे ग्रहण करने चाहिए। गर आप इस दिन पीले रंग वस्त्र को ग्रहण करते है तो यह आप के लिए और भी शुभ है। आप चाहे तो बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती जी का व्रत भी रख सकते है। इस दिन सभी विधार्थियों को सच्चे मन से माता सरस्वती जी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों को माता सरस्वती जी को किताब आदि चढ़ाना चाहिए। तथा उन के सामने अपने ज्ञान के लिए आशीर्वाद लेना चाहिए। पढ़ रहे बच्चो को माता सरस्वती जी की पूजा ज़रूर करनी चाहिए। क्योकि इस से आप के ज्ञान में वृद्धि होती है।

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इस दिन लोग अपने घरो में तरह तरह के पकवान आदि बनाते है। सभी एक दूसरे को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ देते है। इस दिन लोगो में काफी ज़्यादा उत्साह देख ने को मिलता है। अलग अलग शहरों में आप को बसंत पंचमी का पर्व अलग अलग तरीके से मनाते हुए दिखेंगे। इस दिन माता सरसवती जी की पूजा बड़े ही अच्छे और सच्चे मन से की जाती है। जहाँ सभी श्रधालुओं में काफी उत्साह तथा जज्वा देख ने को मिलता है। इस दिन सभी लोग मंडलियों में दूर दूर का सफर तय कर माता जी मंदिर पर अपनी हाज़री लगाते है। सब जगह लोगो द्वारा काफी ज़्यादा सेवा की जाती है।

इस दिन मंदिरो में शर्धालुओं की काफी ज़्यादा भीड़ होती है। सभी अपने सच्चे मन तथा आस्था से मंदिर जाते है और माता सरस्वती जी की पूजा करते है। लोग घरो में भी माता जी पूजा करते है, पाठ करते तथा उन्हें भोग लगा कर माता सरस्वती जी को खुश करते है। हिन्दू संस्कृति में पूजा पाठ का काफी महत्व है। जो भी लोग सच्चे मन से पूजा पाठ करते है और देवी देवताओं का ध्यान करते है। उन्हें अति सुख मिलता है। इस दिन आप को गरीब लोगो तथा गरीब बच्चो की ज़रूर मदद करनी चाहिए। अगर आप गरीब बच्चो को विद्या गए ज्ञान बाँट रहे हो तो इस से माता सरस्वती काफी ज़्यादा प्रसन्न होती है।

Happy Saraswati Puja 2024 :- जानिए सरस्वती पूजा किस प्रकार मनाई जाती है, तथा जानिए इसके महत्व के बारे में।

जैसा कि आप सभी को पता ही है कि माता सरस्वती जी को ज्ञान की देवी कहा जाता है। जिस कारण सभी स्कूल तथा कॉलेज में माता सरस्वती जी पूजा बड़े ही धूम धाम से की जाती है। इस दिन स्कूल कॉलेज में माता सरस्वती जी की मूर्ति लायी जाती है और सभी बच्चो द्वारा उन की पूजा बड़े ही सच्चे मन से की जाती है। इस दिन सभी बचो को बसंत पंचमी तथा माता सरस्वती जी के बारे बड़े ही विचार से बताया जाता है। जो भी माता सरस्वती जी की पूजा सही विधि तथा आस्था से करता है उन्हें अति सुख तथा सम्पति हासिल होती है।

माता सरस्वती जी की पूजा करते वक़्त पहले मंदिर को अच्छे से साफ करे तथा फिर मंदिर में गंगाजल से छिड़का कर मंदिर को शुद्ध करे। चौकी पर फिर माता सरस्वती जी को विराजमान करे। फिर उन्हें पीले या सफ़ेद फूल अर्पण करे। फिर माता सरस्वती जी का ध्यान करे उन का आँखें बंद कर अच्छे से ध्यान करे। मंत्र ज़रूर जाप करे। पूजा करते समय बच्चो को अपने साथ ज़रूर बिठाये। बच्चो के किताबो को पूजा स्थल के नज़दीक ज़रूर रखे। साथ ही बच्चो से भी पूजा करवाए उन्हें भी माता का ध्यान करने को कहे। ऐसा करने से बच्चो के ज्ञान में वृद्धि होती है।

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अगर आगे हम बात करे बसंत पंचमी के शुभ समय का तो इस का शुभ समय 13 फरवरी 2024 को 02:41 PM से शुरू हो कर 14 फरवरी 2024 को 12:09 PM तक समाप्त होगा। हिन्दू धर्म में अगर कोई भी पर्व पूजा अगर सही समय तथा सही रीती रिवाज़ से की जाए तो देवी देवतायेँ इस से काफी ज़्यादा प्रसन्न होते है और सतह ही वह आप को आशीर्वाद भी देते है।

इस दिन हमें अपने से बड़ो का भी आशीर्वाद ज़रूर लेना चाहिए। इस दिन आप को अपने माता पिता को ज़रूर परनाम करना चाहिए। क्योकि आप के माता पिता के पैरो में ही जन्नत है। अगर आप अपने माता पिता को खुश रखते है तो देवी देवताये आप से खुश होते है।

Happy Saraswati Puja 2024 :- जानिए सरस्वती पूजा किस प्रकार मनाई जाती है, तथा जानिए इसके महत्व के बारे में।

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